भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता पर 10% हिस्सेदारी और दुकान मांगने का आरोप, शिवसेना मंत्री प्रताप सरनाईक ने ऑडियो क्लिप किया वायरल

विधायक नरेंद्र मेहता

महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना (शिंदे) पार्टी के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने ऐसा ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल किया है, जिनमें मीरा-भायंदर के भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता पर एक बिल्डर से 10 फीसदी साझेदारी और दुकान मांगने का आरोप है। आरोप है कि संबंधित बिल्डर BJP कार्यकर्ता भी है। वहीं, नरेंद्र मेहता के भाई और महापौर डिंपल मेहता के पति विनोद मेहता पर टेरेस फ्लैट की मांग करने का आरोप लगाया है।

गुरुवार को प्रताप सरनाईक ने मीरा-भायंदर महानगरपालिका (MBMC) के टाउन प्लानिंग विभाग का दौरा किया। यहां विधायक नरेंद्र मेहता और उनकी कंपनी सेवन इलेवन के खिलाफ दर्ज पांच शिकायतों को लेकर उन्होंने अधिकारियों से चर्चा की। इस दौरान मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा, पुलिस उपायुक्त (DCP) राहुल चव्हाण समेत मनपा और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

इसी दौरान BJP कार्यकर्ता और बिल्डर देवराम मंडोरा कार्यालय पहुंचे। प्रताप सरनाईक ने सभी अधिकारियों के सामने देवराम मंडोरा से नरेंद्र मेहता और उनके भाई विनोद मेहता की मांगों को लेकर सवाल किए और बताया कि इन बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।

देवराम मंडोरा ने भायंदर पूर्व के BP रोड स्थित एक पुराने भवन का पुनर्विकास किया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उन्होंने ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) के लिए आवेदन किया। देवराम मंडोरा का आरोप है कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद मनपा ने OC जारी नहीं किया। उनका दावा है कि नरेंद्र मेहता और महापौर डिंपल मेहता की ओर से प्रशासन को लिखित पत्र देकर OC जारी नहीं करने का निर्देश दिया गया था।

प्रताप सरनाईक ने नवघर पुलिस की ओर से बिल्डर को कथित तौर पर डराने-धमकाने और परेशान किए जाने को “गंभीर मामला” बताया। उन्होंने कहा कि लिखित शिकायत दिए जाने के बावजूद पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। प्रताप सरनाईक ने मनपा आयुक्त और DCP को तत्काल कानूनी कार्रवाई करने, मामला दर्ज करने और सात दिनों के भीतर OC जारी करने के निर्देश दिए।

प्रताप सरनाईक ने मीरा-भायंदर के टाउन प्लानिंग और लीगल विभाग में नरेंद्र मेहता के दबाव में चल रहे गठजोड़ की भी उच्चस्तरीय जांच की घोषणा की। इसके साथ ही सेवन इलेवन से जुड़े कथित संदिग्ध लेन-देन की जांच की बात भी कही।

प्रताप सरनाईक ने सवाल उठाया, “बॉम्बे हाई कोर्ट के स्पष्ट स्टे ऑर्डर के बावजूद मनपा ने इन निर्माण कार्यों को किस कानूनी अधिकार के तहत हरी झंडी दी?”

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